GCERT NMMS Online Test Series

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GCERT NMMS Online Test Series  : NMMS परीक्षा की तैयारी कर रहे सभी विद्यार्थी मित्रो का फिर से हमारी वेबसाईट शिक्षणजगत पर हार्दिक स्वागत है | जैसा की आप सब जानते है NMMS की परीक्षा में पहले विभाग में 90 मार्क्स के प्रश्न होते है | जिस में अंक श्रेणी, शब्द श्रेणी, तार्किक प्रश्न, आकृति से जुड़े प्रश्न आदि जेसे प्रश्न होते है | अंक श्रेणी विभाग से कुल 10 जितने प्रश्न पूछे जाते है |

GCERT NMMS Online Test Series 

गुजरात शैक्षणिक शंशोधन और तालीम परिषद् द्वारा अब सपताह में दो बार NMMS की तैयारी क्र रहे गुजरात के छात्रो के लिए ऑनलाइन टेस्ट रखा जा रहा है | यह टेस्ट देकर छात्र अपनी NMMS की तैयारी कर सकते है | आज का ऑनलाइन टेस्ट आज लाइव हो गया है | छात्रो को निवेदन है की टेस्ट देने के लिए निचे लिंक दी गई है उस पर क्लिक करे |

GCERT NMMS टेस्ट – 4 देने के लिए यहाँ पर क्लिक करे

संयुक्त श्रृंखला का नियम ( Rule of joint series )

इस तरह की श्रेणी में दो क्रम में श्रेणी बढती है।

उदाहरण:- 8, 30, 10, 26, 12, 22, 14, 18, ?

उपर्युक्त श्रेणी में पैरेलल में दो श्रेणी चल रही हैं एक श्रेणी में संख्या 2 जुड़ कर अगला पद बन रहा है जबकि दूसरी श्रेणी में संख्या 4 घटकर अगला पद बना रही है।

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वर्ग और घन का नियम :-

इस तरह की श्रेणी में वर्ग (किसी संख्या की दो की घात यानि की उस संख्या को दो गुना करना) या घन (किसी संख्या की तीन की घात यानि उसको तीन गुना करना) को जोड़कर श्रेणी प्राप्त होती है।

उदाहरण:- 2, 5, 10, 17, 26 इसमें अगला अंक क्या होगा ?

उपर्युक्त श्रेणी में प्राकृतिक संख्या में एक का वर्ग + एक जुड रहा जिससे 2 हो रहा है और 2 के वर्ग में 1 जुड़ कर 5 हो रहा है और इससे अगले अंक 3 के वर्ग में 1 जुड़ कर 10 बन रहा है अतः अब आपकी समझ मेंआ गया होगा कि अगला आने वाला अंक 37 होगा।

NMMS परीक्षा ऑनलाइन टेस्ट अंक श्रेणी – 4 देने के लिए इस लिंक पर क्लिक करे

मिश्रित श्रृंखला का नियम ( Mixed series rule ):-

उदाहरण:- 2, 7, 20, 59, ?

उपर्युक्त श्रेणी में प्रत्येक पद 3-1 के क्रम में बढ़ रही है। अतः इसके अंत में (59 * 3 -1 = > 177-1 => 176) आएगा

अंको में व्यवस्था में परिवर्तन का नियम ( Rule of law change in numbers ) :-

उदाहरण:- 2543, 3452, 6741, 1476, 3482 ?

इसमें प्रत्येक अगला पद पिछले पद के आखिरी अंक सेशुरू होता है अत: 3482 = 2843 आएगा।

पूर्व पदों के योग का नियम :-

उदाहरण:- 7, 2, 9, 11, 20, 31 इसमें अगला पदक्या आएगा ?

इसमें प्रत्येक तीसरा पद पिछले दो पदों का योग है। अतः इसके अंत में 51 आएगा।

NMMS परीक्षा ऑनलाइन टेस्ट अंक श्रेणी -5 देने के लिए इस लिंक पर क्लिक करे

GCERT NMMS Online Test Series 

योग का नियम ( Rule of Addition ) :-

इस तरह की श्रेणी में एक निश्चित संख्या पहले पद में जुड़कर दूसरा पद बनाती है और इसी प्रकार दूसरे पद में वही निश्चित संख्या जुड़कर तीसरा पद बनाती है और इसी क्रम में यह श्रंखला बढ़ती रहती है, कभी कभी यह निश्चित पद स्थिर ना होकर बदलता रहता है।

उदाहरण – 7, 12, 17, 22, 27, ?

(a) 30 (b) 32 (c)35 (d) 37

उपर्युक्त उदाहरण में हमें देख रहे हैं कि हर पद में 5 जुड़कर अगला पद बन रहा है और इस प्रकार इसका उत्तर 32 होगा।

उदाहरण:-2 अब देखते है की यह श्रेणी किस प्रकार से आगे बढ़ रही है-

6 9 13 18 24 31 ?

(a) 22 (b) 32 (c)35 (d) 39

अब उपर्युक्त उदाहरण में हमें देख पा रहे कि यह श्रेणी 3,4, 5,6,7,8 के क्रम में बढ़ रही है और इस प्रकार इसका उत्तर 39 होगा। कुछ श्रेणी निम्नलिखित अंतर पर आधारित परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाती हैं-

  • +1, +2, +3 … (प्राकृत संख्या का अंतर)
  • +2, +4, +6 …(सम संख्या का अंतर)
  • +3, +5, +7 …(विषम संख्या का अंतर)

NMMS परीक्षा ऑनलाइन टेस्ट अंक श्रेणी – 3 देने के लिए इस लिंक पर क्लिक करे

तर्कशक्ति या रीजनिंग सभी परीक्षाओं के लिये बहुत महत्वपूर्ण विषय है। तर्कशक्ति या रीजनिंग के लुप्त संख्या और संख्या श्रृंखला टेस्ट पर आधारित प्रश्नों को समझने के लिये आपको विशेष परिश्रम की आवश्यकता होती है। इसलिये आपको प्रश्नों को ध्यान-पूर्वक पढ़ने व समझने की आवश्यकता है। यहाँ प्रदान किये गये तर्कशक्ति या रीजनिंग के प्रश्न आपको एसएससीए, बैंकिंग, रेलवे परीक्षा, डिफेंस परीक्षा या अन्य सरकारी परीक्षाओं में सफलता पाने के के लिये मददगार होगें। क्योंकि इस प्रकार के प्रश्न परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं। यहां पर हर प्रकार की परीक्षाओं से सम्बन्धित तर्कशक्ति या रीजनिंग के प्रश्न उपलब्ध हैं। बेतहर परीक्षाओं में अंक अर्जित करने के लिये आप इस वेबसाइट के माध्यम से परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं।

रीजनिंग का मतलब तर्कशक्ति से है। ऐसी शक्ति जो की सोच-विचार का अनुमानित शक्ति से होता है। परीक्षा की दृष्टि से देखा जाये तो परीक्षा में आने वाले ऐसे प्रश्न जो की सिर्फ आपके दिमाग से ही हल होते है वो तर्कशक्ति वाले प्रश्न होते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में तर्कशक्ति या रीजनिंग के बहुत प्रशन आते है और बहुत से विद्यार्थी उम्मीदवार को रीजनिंग के बारे में जानकारी नहीं होती है। इस आर्टिकल में आप जानेंगे की रीजनिंग क्या है उसकी तैयारी हम कैसे अच्छे तरीके से कर सकते है। अगर अपने कोई सरकारी नौकरी के लिये परीक्षा दिया होगा तो आपको अच्छे से पता होगा कि रीजनिंग थोड़ी कठिन होती है। क्योंकी उसमे तर्कशक्ति यानी दिमाग का भरपूर उपयोग करना पढता है। तर्कशक्ति या रीजनिंग को कैसे सरल बना कर आप उसको प्रतियोगी परिक्षाओं में जल्दी से जल्दी प्रश्न सॉल्व कर सकते है।

यदि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगे तो कृपया निचे कोमेंट बोक्स में अपनी राय जरुर दे , धन्यवाद |

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